इस दिन होगा मंत्रिमंडल विस्तार, सामने आया बड़ा अपडेट

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बिहार में नई सरकार बने करीब डेढ़ महीने बीत चुके हैं, लेकिन सियासत की हलचल थमी नहीं है। एक बार फिर राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। परंपरा के मुताबिक खरमास खत्म होते ही, यानी मकर संक्रांति के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा कदम उठाए जाने की अटकलें लगने लगी हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। खास बात यह है कि अब एनडीए के बड़े नेता भी इशारों-इशारों में इस बात की पुष्टि करते नजर आ रहे हैं, जिससे सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार यह दावा करते रहे हैं कि आने वाले कुछ वर्षों में वे बिहार को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे अपनी सरकार और मंत्रिमंडल को पूरी तरह सक्रिय और संतुलित रखना चाहते हैं। मौजूदा समय में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में कुल 27 मंत्री शामिल हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अभी 9 मंत्री पद खाली हैं। ऐसे में यह साफ है कि सरकार पर सभी रिक्त पदों को भरने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 14 जनवरी को खरमास समाप्त होते ही मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो जाएगी और 20 जनवरी तक इसका औपचारिक ऐलान संभव है। हालांकि कुछ राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 18 जनवरी को ही मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दे सकते हैं। एनडीए के एक बड़े नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंत्रिमंडल विस्तार अब लगभग तय माना जा रहा है और 14 से 20 जनवरी के बीच किसी भी दिन यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है।

बताया जा रहा है कि इस संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कोटे से करीब 6 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हिस्से से 3 मंत्री पद भरे जाने की संभावना है। हालांकि खबर यह भी है कि जेडीयू इस बार अपने कुछ पुराने मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। इसके पीछे प्रदर्शन, संगठनात्मक संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को कारण माना जा रहा है। साथ ही जेडीयू एक या दो मंत्री पद फिलहाल खाली रख सकती है, जिन्हें भविष्य में राजनीतिक समीकरणों के अनुसार भरा जा सकता है।